क्या बिटकॉइन वैध है,जानिए किन देशों नें बिटकॉइन legal है और कहां illegal

दुनियाभर में क्रिप्टोकरेंसी के बूम को देखते हुए, ये लोगों के बीच बहस का मुद्दा बन गया है। हर रोज मार्केट में आ रहे नए डिजिटल कॉइन और लगातार बढ़ रहे इनकी कीमतों में सभी का ध्यान ना सिर्फ अपनी ओर खींचा है, बल्कि अब तो कई देशों की सरकार भी इस पर गंभीर चिंतन कर रही है। हालांकि आज मार्केट में बहुत सारे वर्चुअल कॉइन आ गए हैं, लेकिन क्रिप्टोकरेंसी की बात हो तो उसमें सबसे पहला नाम बिटकॉइन का ही आता है। बिटकॉइन एक ऐसी डिजिटल करेंसी है, जो पिछले कुछ सालों में पूरी दुनिया में फैल चुकी है और इसकी सबसे बड़ी वजह हैं इसकी कीमत। जी हां, पिछले कुछ सालों में इसकी कीमत में कई हजार गुना तेजी आई है। हालांकि अभी हाल ही में इसके कीमत में गिरावट भी देखने को मिल रही है। लेकिन दुनियाभर में बिटकॉइन की दीवानगी का अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते हैं, कि अब ज्यादातर देशों की सरकार ने भी इसे लेकर अपनी राय रखनी शुरू कर दी है।

ये तो हम सब जानते हैं कि बिटकॉइन या कोई भी क्रिप्टोकरेंसी पर किसी भी संस्थान, सरकार या बैंक का कंट्रोल नहीं होता। हालांकि येफाइनैंशियल ट्रांजैक्‍शन के लिए यह सबसे तेज और कुशल मानी जा रही है। बिटकॉइन एक नई इनोवेटिव टेक्नोलॉजी है जि‍सका इस्तेमाल ग्लोबल पेमेंट के लिए किया जा सकता है। इसलिए कई डेवलपर्स और आंत्रप्रेन्‍योर्स ने बिटकॉइन को अपनाया है। जबकि हजारों कंपनियों, लोगों और नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशंस ने ग्लोबल बिटकॉइन सिस्टम को अपनाया है। लेकिन आजकल यह ब्‍लैक मनी, हवाला और आतंकी गतिविधियों में ज्‍यादा इस्‍तेमाल किए जाने की वजह से सुर्खियों में है। इसके बढ़ते इस्‍तेमाल ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। ऐसे में बिटकॉइन को लेकर जो सबसे बड़ा सवाल उठता है वो इसकी वैधता, कि क्या बिटकॉइन या किसी भी क्रिप्टोकरेंसी को भारत में लीगल माना गया है या फिर कौन से ऐसे देश हैं जो इसे लेकर कई ठोस कदम उठा रहे हैं।

यहां हम सबसे पहले बात करते हैं अपने देश यानी कि भारत की। भाकत में सरकार, आरबीआई और किसी भी रेग्‍युलेटर ने इसे कानूनी मान्‍यता नहीं दी है।  अगर आपने वित्त मंत्री अरुण जेटली का इस बार का बजट सत्र देखा होगा तो शायद आपको ये अच्छी तरह से मालूम हो। इस डिजिटल करंसी को किसी भी केंद्रीय बैंक का समर्थन नहीं है, इसलिए निजी तौर पर ही इसके जरिए लेन-देन होता है। बिटकॉइन किसी कानूनी दायरे में नहीं आता है और एक सामूहिक नेटवर्क पर होने वाले ये लेन-देन किसी भी क्लियरिंग एजेंसी से होकर नहीं गुजरते हैं। जबकि होने वाली गड़बड़ी की जिम्‍मेदारी किसी की भी नहीं होती है, क्‍योंकि इसके लिए कोई कंट्रोलिंग एजेंसी नहीं है। इसके जरिए धन एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के बदले में मामूली फीस ली जाती है जो कि क्रेडिट कार्ड की तुलना में बहुत कम होती है। बिटकॉइन के बढ़ते उपयोग पर भारतीय रिजर्व बैंक समेत दुनिया की कई रेग्‍युलेटरी संस्‍थाओं ने आगाह किया है।

भारत में भी बिटकॉइन बनाने और इसका इस्तेमाल करने वालों की बहुत बड़ी संख्या मौजूद है जिसमें लगातार इजाफा हो रहा है। लेकिन बहुत सारी कम्पनियां Bitcoin का लेन-देन कर रही है, जैसे:- ZebPay, Unocoin आदि| पहले तो सरकार ने लोगों से इसके बारे में राय मांगी है, की Bitcoin जैसी Digital Currencies को Regulate करना चाहिए या इन्हें बैन कर देना चाहिए। लेकिन 1 फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में क्रिप्टोकरेंसीज पर अपना स्टैंड साफ करते हुए इसे गैर-कानूनी घोषित कर दिया है। जेटली ने साफ किया कि सरकार क्रिप्टोकरेंसीज को भारत में मान्यता नहीं दी जाएगी। इससे पहले भी सरकार लोगों को बिटकॉइन में पैसा लगाने को लेकर आगाह करती रही थी। सरकार ने बिटकॉइन की तुलना पोंजी स्कीम्स से भी की थी। बजट में बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसीज पर जेटली ने कहा कि ये गैरकानूनी हैं और ये नहीं चलेंगी।

धीरे धीरे कई देश क्रिप्टोकरेंसी रेग्यूलेशन निर्धारित करने की तैयारी कर रहे हैं लेकिन ज्यादात्तर देशों में अभी स्थिति अस्पष्ट हैं। वहीं बहुत से देश दुनियाभर में ऐसे भी हैं, जिन्होंने बिटकॉइन को साफतौर पर अवैध घोषित कर दिया है। आइए जानते हैं कि कौन- कौन हैं वो देश।

1. बोलिविया–  जून साल 2014 में बोलिविया के केंद्रीय बैंक ने आधिकारिक तौर पर उन सभी मुद्रा और सिक्कों पर प्रतिबंध लगा दिया था जो सरकार द्वारा नियंत्रित नहीं थे। जैसे कि बिटकॉइन या कोई भी क्रिप्टोकरेंसी किसी भी सरकार द्वारा संचालित नहीं होती है। ऐसे में बोलिविया में बिटकॉइन को अवैध घोषित कर दिया गया। यहां के राष्ट्रीय संस्थानों ने पहले से ही इसे मंजूरी नहीं दी थी।

2. इक्वाडोर– बोलिविया में बिटकॉइन पर प्रतिबंध लगाने के कुछ समय बाद ही इक्वाडोर में भी जुलाई 2014 को बिटकॉइन जैसे क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगा दिया गया। लेकिन यहां की सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक मनी पेमेंट की तकनीक को सराहा और इसकी अनुमति दे दी। लेकिन ये जानना जरूरी है कि बिटकॉइन जैसी डिजिटल मुद्राएं यहां पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

3. किर्गिस्तान– जुलाई 2014 में किर्गिज़ रिपब्लिक के नेशनल बैंक ने ये साफ कर दिया कि बिटकॉइन या किसी भी डिजिटल मुद्रा का उपयोग और भुगतान किया जाना वहां पूरी तरह से अवैध है। वहां सिर्फ और सिर्फ वहां की राष्ट्रीय मुद्रा, जिसे सोम कहा जाता है, वो ही मान्य है।

4. बांग्लादेश- 22 सितंबर 2014 को बंग्लादेश में भी बिटकॉइन और सभी क्रिप्टोकरेंसी को बैन कर दिया गया। इसके बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए यहां की सरकार ने फैसला लिया कि सभी डिजिटल कॉइन को बंग्लादेश में बैन कर दिया जाएगा।

5. चीन- बिटकॉइन समेत सभी क्रिप्टोकरेंसी को साल 2017 के सितंबर में चीन में बैन कर दिया गया। जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया कि बिटकॉइन के बाजार में आते ही चीन में इसका प्रयोग धड़ल्ले से होने लगा। इसलिए चीन की सरकार ने इसे लेकर कई कड़े कदम उठाए और इसे चीन में बैन कर दिया गया।

इन देशों के अलावे रूस, भारत, आइसलैंड, वियतनाम और नेपाल जैसे कई देशों में भी क्रिप्टोकरेंसी को बैन कर दिया गया है। तो ऐसे में आप इन सभी देशों में बिटकॉइन और इस जैसे किसी भी क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

जहां कई देशों ने बिटकॉइन को अवैध करार दिया है, वहीं दुनिया में कुछ देश ऐसे भी हैं जिन्होंने इसे लीगल तौर पर घोषित कर दिया है। 2009 में शुरू हुई विश्व की पहली डिजिटल करेंसी बिटकॉइन को 1 अप्रैल 2017 को जापान में वैध कर दिया गया है। इसके जरिये यहां  सेवाओं और वस्तुओं की खरीद – बिक्री की जा सकेगी। इसके लिए जापान में एक कानून भी बनाया गया है। अपनी शुरुआत के बाद ही यह करेंसी अमेरिका और चीन जैसे समृद्ध देशो में काफी लोकप्रिय हुई। आइए आपको बताते हैं कि किन- किन देशों में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।

  1. जापान
  2. अमेरिका
  3. कनाडा
  4. ऑस्ट्रेलिया
  5. यूरोपिन देश

ये वो देश हैं जहां बिटकॉइन को या तो वैध करार दे दिया गया है या फिर वहां इसके इस्तेमाल को देखते हुए भी उसपर कार्रवाई जैसे कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

आपको बता दें कि क्रेडिट या डेबिट कार्ड से लेनदेन करने पर पांच फीसद तक टैक्स लगता है। लेकिन बिटक्वाइन पर टैक्स नहीं लगता। पेपाल, माइक्रोसॉफ्ट, डेल, न्यूएग, एक्सपीडिया, डिश नेटवर्क समेत दुनियाभर की कई कंपनियां बिटक्वाइन के जरिये लेनदेन करती हैं। 2013 में कनाडा के वैंकूवर में तो बिटक्वाइन एटीएम भी लगाया गया है।

 बिटकॉइन का गलत इस्‍तेमाल
कारोबारी के लिए बिटकॉइन फास्ट, सस्ता और सुरक्षित माध्यम है। जिस तरह से बिटकॉइन का इस्‍तेमाल कारोबारी कर रहे हैं। इसका दुरुपयोग भी उसी हिसाब से बढ़ता जा रहा है। क्‍योंकि, इसके जरिए होने वाले लेन-देन में गड़बड़ी की जिम्‍मेदारी किसी की नहीं होती है। जबकि ड्रग्स की खरीद-बिक्री, हवाला, आतंकी गतिविधियों को वित्तीय मदद, टैक्स की चोरी आदि में इसके बढ़ते इस्‍तेमाल ने दुनियाभर की सुरक्षा एजेंसियों और फाइनैंशियल रेग्‍युलेटर्स की नींद उड़ा दी है। वहीं यह टेक्‍नोलॉजी अब कंपनियों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। इसके जरिए बढ़ रही फिरौती की घटनाओं ने विभिन्‍न देशों की फाइनैंशियल कंपनियों, ब्रॉकरेज फर्म और पुलिस महकमे तक को हिलाकर रख दिया है।