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जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि जब भी कोई कंपनी, स्टार्ट-अप या फर्म अपनी क्रिप्टोकरेंसी कॉइन मार्केट में लाती है, तब इन्हें initial fund की जरुरत होती है। कंपनिया इस फंड को पब्लिक से ICO के जरिए इकट्ठा करती है। यहां लोग टोकन खरीद कर के फर्म को पैसे देते है जिससे कंपनी आगे काम करते है। इस  फंड को इकट्ठा करने से पहले कंपनिया एक whitepaper पर अपना पूरा प्लान लिखती है।  इसमें लिखा जाता है कि कंपनी को कितने फंड की जरुरत है, उन्हें कितने टोकन initial में बेचना है, कितने समय तक ICO offer चलाना है और अगर एक निश्चित समय में फंड इक्ट्ठा नहीं हुआ तब क्या करना होगा जैसी बातें।  इन सबके पीछे उनका क्या उद्देश्य है ये सब कुछ लिखा जाता है।  यह whitepaper company का एक बहुत important part होता है। इसमें पूरे plan के साथ सभी legal document भी होते है।  आपको ये भी बता दें कि किसी भी क्रिप्टो कॉइन ICO में पैसे लगाने से पहले कंपनी के whitepaper को अच्छे से पढ़ लेना जरुरी है।  ICO में जब coin लांच किया जाता है तब इनका प्राइस बहुत कम ऑफर किया जाता है,  मतलब आप इन्हें बहुत कम पैसे में खरीद पाते हैं।

ICO के प्रकार ( Types OF ICO )

Time –   इस ICO में समय की निश्चित अवधि होती है मतलब यह एक नियत time तक चलाया जाता है। इस अवधि को बदला नहीं जाता है।  इस समय के अंदर कितने भी coin market में आ सकते है और कितना भी fund एकत्रित हो जाए। ये बस अपनी समय सीमा में काम करते हैं।
Coin-  इस प्रकार के ICO का मुख्य उद्देश्य coins या token को market में एक निश्चित संख्या तक बेचना। ये वक्त और फंड पर ज्यादा फोकस ना करके अधिक लोगों तक पहुंचना चाहते हैं।
Fund- इन ICO का फोकस फंड जुटाना होता है। ये शुरुआत से ही टोकन का फिक्स प्राइस करके मार्केट में उतारते हैं। जब यह टोकन अधिक मात्रा में बिक जाते हैं, तब इनके दाम बढ़ा दिए जाते हैं,  जिससे ज्यादा फंड जुटाने में मदद मिलती है।

 ICO में Invest करें या नहीं ?

हर चीज के दो पहलू होते हैं, अच्छा और बुरा । ICO में भी यही बातें लागू होती हैं। इसमें invest करना आपको profit और loss दोनों दे सकता है। आइए जानते हैं इनके profit or loss-
Profit-  Crypto currency coin market में ICO का चलन अभी बहुत तेजी से चल रहा है। बहुत सी कंपनिया अपना coin लांच करने के लिए निवेशक ना मिलने के कारण ICO के जरिये लोगों से crowdfunding कर रही हैं। इस तरह जब coin value के साथ coin की price बढ़ने पर लोगों को फायदा होता है,  इसलिए ICO के द्वारा इन कंपनियों को आसानी से पैसे मिल जाते हैं।
Loss-  ICO के कुछ नुकसान भी हैं। जब भी कोई टोकन लांच किया जाता है और आप इसे खरीद लेते हैं,  लेकिन अगर यह ज्यादा पॉपुलर नहीं हो पाता हैं, तो उस स्थिति में वो ज्यादा लोगों तक नहीं पहुंच पाता है। जिसकी वजह से उसका रेट भी नहीं बढ़ता और आपको नुकसान उठाना पड़ता है।आपको ये भी बता दें कि 90% ICO ज्यादा success नहीं हो पाते हैं। ICO के चलन के कारण यहां fraud भी काफी हो रहा है,  जो आपके पैसे लेकर भाग जाते हैं।

 

ICO में पैसे लगाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

  • सबसे पहले आपको उस ICO से related कंपनी के whitepaper और legal document को जरुर चेक करें।
  • कभी भी एक ही कंपनी के ICO token में बहुत पैसा ना लगाये। चाहे वह कितना ही trusted हो और उसकी market में positive news सुनने को मिल रही हों,  क्योकि price आज ज्यादा है तो कल कम भी हो सकता है।
  • अगर token लेना ही है तो market research करके अलग – अलग ICO के token ख़रीदें,  ताकि इनमें से कुछ coin अच्छे result ना भी दें तो बाकि के बचे coin आपको फायदा दे सकते हैं।
  • इनमें उतना ही पैसा लगाये जितना आप afford कर सकें,  क्योंकि market daily ‘up and down’ होता रहता है।

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